मैदान छोड़ने के मायने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी सीट से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के न लड़ने के पीछे अलग-अलग वजह सामने आ रही हैं. खबरों के मुताबिक बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने प्रियंका गांधी वाड्रा को संयुक्त उम्मीदवार मानने इनकार कर दिया. लेकिन इन खबरों के बीच सीटों के अंकगणित पर ध्यान दें तो मामला कुछ और ही नजर आता है. उत्तर प्रदेश की जमीनी रिपोर्ट के मुताबिक सपा और बसपा के गठबंधन ने बीजेपी के लिए अच्छी खासी चुनौती खड़ी कर दी है. कई सीटें ऐसी हैं जहां पर दोनों पार्टियों का वोट बैंक बीजेपी से ज्यादा है. उत्तर प्रदेश में बीजेपी की कोशिश है कि दोनों पार्टियों के इस जातिगत गठजोड़ को काटने के लिए पूरे चुनाव को मोदी बनाम अन्य बना दिया जाए. इसलिए हर रैली में बीजेपी के नेता यही बताने की कोशिश कर रहे हैं कि हर सीट पर पीएम मोदी ही चुनाव लड़ रहे हैं. लेकिन प्रियंका के आने और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस थोड़ा मजबूत होने से उत्तर प्रदेश की जंग त्रिकोणीय होती दिखाई दे रही है. इसका फायदा बीजेपी उठा सकती है.

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